रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को घोषणा की कि देश ने अपनी परमाणु-संचालित इंटरकॉन्टिनेंटल क्रूज़ मिसाइल ‘बुरेवस्तनिक’ (Burevestnik) का सफल परीक्षण कर लिया है — एक ऐसा हथियार, जिसे उन्होंने “दुनिया में बेमिसाल” बताया।
पुतिन को रूस के जनरल स्टाफ प्रमुख वैलेरी गेरासिमोव ने जानकारी दी कि यह टेस्ट मंगलवार को हुआ, और मिसाइल ने लगभग 14,000 किलोमीटर की दूरी करीब 15 घंटे में तय की।
गेरासिमोव ने बताया कि बुरेवस्तनिक इतनी एडवांस टेक्नोलॉजी से बनी है कि यह किसी भी दूरी पर मौजूद सबसे सुरक्षित ठिकानों को भी सटीक निशाना बना सकती है।
पुतिन ने इस मौके पर कहा —
“यह सचमुच एक अनोखा हथियार है, जो किसी और देश के पास नहीं। रूस की तकनीकी क्षमता पर हमें गर्व है।”
उन्होंने तुरंत आदेश दिया कि रूसी सेना में इस मिसाइल को शामिल करने की तैयारी शुरू की जाए।
पिछले कुछ महीनों से सैटेलाइट तस्वीरों और नेविगेशन अलर्ट्स से साफ था कि रूस कोई बड़ा लॉन्च करने वाला है।
नाटो (NATO) ने इस मिसाइल को SSC-X-9 Skyfall का कोड नेम दिया है। 2018 में पहली बार जब पुतिन ने इसे दुनिया के सामने पेश किया था, तब उन्होंने दावा किया था कि इसकी रेंज लगभग “अनंत” (unlimited) है और यह अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स को भी चकमा दे सकती है।
हालाँकि, इसकी राह आसान नहीं रही।
2019 में इसी मिसाइल के एक असफल परीक्षण के दौरान आर्कटिक क्षेत्र में धमाका हुआ था, जिसमें कई वैज्ञानिकों की मौत हुई थी। लेकिन इस बार, रूस का कहना है कि टेस्ट पूरी तरह सफल रहा और यह मिसाइल अब ऑपरेशनल सर्विस के लिए तैयार है।
यह घोषणा ऐसे वक्त में आई है जब रूसी सेनाएँ यूक्रेन में धीरे-धीरे बढ़त बना रही हैं, और शांति वार्ता फिर से ठप पड़ी है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों पर सख्त प्रतिबंध (sanctions) लगाए हैं, यह कहते हुए कि “पुतिन के साथ उनकी बातचीत आगे नहीं बढ़ रही।”
पुतिन ने अपने बयान में साफ कहा —
“हम अपने फैसले किसी तारीख या इवेंट से नहीं जोड़ेंगे। हमारी कार्रवाई सिर्फ सैन्य तर्क और स्थिति की ज़रूरतों पर आधारित होगी।”
रूस का यह कदम न केवल उसकी रक्षा क्षमता का प्रदर्शन है, बल्कि दुनिया को एक सीधा संदेश भी —
“हम तैयार हैं, और पीछे हटने वाले नहीं।”