पाँच साल बाद चीन और भारत के बीच सीधी फ्लाइट्स फिर से शुरू हो गईं। इंडिगो की फ्लाइट ने रविवार रात दिल्ली से उड़ान भरी और सोमवार सुबह ग्वांगझू (दक्षिण चीन) में लैंड किया। एयरलाइन ने बताया कि विमान में 100% सीटें भरी थीं, और अधिकतर यात्री व्यापारिक और निजी यात्रा पर थे।
इंडिगो ने घोषणा की है कि 10 नवंबर से दिल्ली-ग्वांगझू के बीच दूसरी दैनिक फ्लाइट भी शुरू होगी। वहीं, चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस भी 9 नवंबर से शंघाई-दिल्ली रूट पर उड़ान शुरू करेगी, जो सप्ताह में तीन दिन (बुधवार, शनिवार, रविवार) चलेगी।
VariFlight के डेटा के मुताबिक, 9 नवंबर से चीन-भारत के बीच साप्ताहिक उड़ानों की संख्या 17 हो जाएगी।
इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा और पर्यटन को बढ़ावा देगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये उड़ानें न केवल आर्थिक सहयोग को मज़बूती देंगी, बल्कि राजनयिक रिश्तों में भरोसा बहाल करने में भी मदद करेंगी।
त्सिंगहुआ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कियान फेंग ने कहा कि यह “जीरो-सम गेम से विन-विन कोऑपरेशन” की दिशा में भारत की नीति में बड़ा बदलाव दर्शाता है।
चीनी विदेश मंत्रालय ने भी इस पहल को दोनों देशों के नेताओं के बीच हुए “सकारात्मक समझौते” का प्रतीक बताया और कहा कि यह एशिया में शांति और सहयोग को मज़बूत करेगा।